बलरामपुर।खबरी गुल्लक
तामेश्वर नगर स्थित हवाई पट्टी के जीर्णोद्धार कार्य को लेकर उठ रहे सवालों ने प्रशासन और विभागीय पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी है। सूचना के अधिकार कार्यकर्ता व अधिवक्ता डॉ. डीके सोनी ने लोक निर्माण विभाग तथा ठेकेदारों पर करोड़ों रुपये के भुगतान में अनियमितता और दस्तावेजों में कूटरचना का आरोप लगाया है। दूसरी ओर विभाग का कहना है कि जांच प्रपत्रों और वर्क ऑर्डर के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई चल रही है, हालांकि संभागीय आयुक्त के निर्देशित 15-दिन की जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है।
डॉ. डीके सोनी का आरोप है कि 28 जून 2024 को तकनीकी स्वीकृति के बाद 17 जनवरी 2025 को जारी वर्क ऑर्डर लगभग 3.67 करोड़ रुपए के कार्य समय-सीमा चार माह थी, पर कार्य निर्धारित समय में पूर्ण नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों के लिए भुगतान किया गया है, वे मौके पर दिखते ही नहीं और लगभग 2.34 रुपये करोड़ का भुगतान अधूरी असंधारित गतिविधियों के लिए कर दिया गया है।
डॉ. सोनी ने फर्जी माप पुस्तिका, फर्जी बिल-वाउचर और दस्तावेजों में कूटरचना कर शासकीय धन का आहरण करने तथा विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।
शिकायत पर 19 मई 2026 को सरगुजा संभागीय आयुक्त ने मुख्य अभियंता ,संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर विधिवत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।विभागीय स्रोतों का कहना है कि जांच प्रक्रिया चल रही है और तकनीकी-पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। डॉ. सोनी का कहना है कि लगभग दो महीने बीतने के बावजूद जांच रिपोर्ट न पेश किए जाने और उन्हें जांच में शामिल न करने के कारण जांच जानबूझकर लंबित रखी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं हुई तो वे न्यायालय का सहारा लेंगे। स्थानीय नागरिक और विकास के हितधारक इस मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, क्योंकि हवाई पट्टी की मरम्मत स्थानीय कनेक्टिविटी और विकास से जुड़ी है।
मुख्य प्रश्न
संभागीय आयुक्त द्वारा निर्देशित 15-दिन के भीतर रिपोर्ट क्यों नहीं आई?
क्या विभाग ने निरीक्षण की वास्तविक स्थिति और भुगतान के बीच तालमेल की समुचित पड़ताल की?
यदि जांच पूरा हो चुका है तो रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही?




