सरगुजा में रामायण शोधपीठ व कालिदास शोध संस्थान की उठी मांग, पुरातत्व समिति के सदस्य आलोक दुबे ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

सरगुजा में रामायण शोधपीठ व कालिदास शोध संस्थान की उठी मांग, पुरातत्व समिति के सदस्य आलोक दुबे ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

khabrigullak.com
By -
0

अंबिकापुर ।।खबरी गुल्लक।।

सरगुजा जिला पुरातत्व समिति के सदस्य आलोक दुबे ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को लिखे पत्र में जिले में रामायण शोधपीठ और कालिदास शोध संस्थान की स्थापना की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि सरगुजा क्षेत्र भगवान श्रीराम के वनवास-काल एवं महाकवि कालिदास के साहित्यिक प्रेरणा-स्थलों के रूप में ऐतिहासिक महत्व रखता है और इसलिए इन संस्थाओं की स्थापना से न केवल सांस्कृतिक संरक्षण होगा बल्कि पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में भी लाभ होगा।

 आलोक दुबे ने पत्र में बताया है कि सरगुजा की भूमि पर श्रीराम, लक्ष्मण एवं माता सीता के वनवास से जुड़ी कथात्मक व पुरातात्विक स्मृतियाँ मौजूद हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि कालिदास को मेघदूत रचना के लिए प्रेरणा यहीं मिली थी। इन तथ्यों का दस्तावेजीकरण तथा संरक्षण रामायण शोधपीठ व कालिदास संस्थान के माध्यम से संभव होगा।  पत्र में तर्क दिया गया है कि यदि सरगुजा को धार्मिक-साहित्यिक पर्यटन के तौर पर विकसित किया जाए तो अयोध्या, रामेश्वरम जैसे प्रमुख स्थलों के साथ जोड़कर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और साहित्य प्रेमी यहाँ आएंगे, जिससे स्थानीय रोजगार पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।  प्रस्तावित संस्थाएँ संस्कृत साहित्य, रामायण अध्ययन और आदिवासी संस्कृति पर शोध-कार्य को प्रेरित करेंगी। विश्वविद्यालयों से संबद्ध पाठ्यक्रम, कार्यशालाएँ तथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ा जा सकेगा, लिखा गया है।

आलोक दुबे ने पत्र में मुख्यमंत्री से शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का आग्रह करते हुए कहा है कि यह पहल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक गरिमा को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। उन्होंने प्रशासन से स्थलीय सर्वेक्षण, पुरातात्विक अवशेषों का संकलन और विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा है ताकि प्रस्तावित संस्थानों के लिए उपयुक्त स्थान, वित्तीय आवश्यकताएँ और प्रारंभिक योजना तैयार की जा सके।



एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)