सरगुजा के चीताबाहर पंचायत में सामुदायिक शौचालय निर्माण की राशि में शिवनाथ ने की गड़बड़ी .. जनपद सीईओ ने गिरफ्तार करवा दिया रामसाय को..! मचा बवाल तो सुधारी गलती,कांग्रेस ने कहा जिम्मेदार अफसर पर कार्रवाई हो

सरगुजा के चीताबाहर पंचायत में सामुदायिक शौचालय निर्माण की राशि में शिवनाथ ने की गड़बड़ी .. जनपद सीईओ ने गिरफ्तार करवा दिया रामसाय को..! मचा बवाल तो सुधारी गलती,कांग्रेस ने कहा जिम्मेदार अफसर पर कार्रवाई हो

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अंबिकापुर।खबरी गुल्लक 

अम्बिकापुर जनपद पंचायत सीईओ और उनके मातहतों को मालूम ही नहीं है कि इस जनपद पंचायत के पंचायतों का सरपंच कौन है, किस गांव के सरपंच ने गबन किया और ये किस गांव के सरपंच के विरुद्ध पुलिस को आवेदन भेज उसकी अवमानना करते हुए उसको गिरफ्तार करवा लेते हैं। वाकया वर्ष 2020.-21 में ग्राम चीताबहार में सामुदायिक शौचालय के निर्माण में 175093/रु के अंतर राशि का है जिसकों लेकर ग्राम सरई टिकरा के सरपंच एवं जनपद पंचायत अम्बिकापुर के सरपंच संघ के अध्यक्ष रामसाय मिंज को सुबह-सुबह तब गिरफ्तार कर लिया गया जब वे अपने खेतों में काम कर रहे थे। उन्हें न तो ब्रश करने दिया गया न ही कपडे बदलने का अवसर दिया गया। बेकसूर होते हुए भी एक गंभीर अपराध के अपराधी जैसे आचरण करते हुए दरिमा थाने की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर एस0डी0एम0 अम्बिकापुर के  समक्ष प्रस्तुत कर दिया। जिस अवधि में ग्राम चिताबहार में यह गबन हुआ उस समय वहां के सरपंच शिवनाथ भगत एवं सचिव देवेन्द्र सिंह थे। ग्राम चिताबहार में 9.10.2023 को कार्यभार ग्रहण करने वाले सचिव ललित ने 23.07.2024 को इस मामले की जानकारी चिताबहार के सरपंच के नाम सहित जनपद पंचायत अम्बिकापुर के कार्यपालन अधिकारी को लिखित रुप से दी। लेकिन जनपद पंचायत ने शुरुआत से ही ग्राम चिताबहार के सरपंच पर कार्यवाही करने के बजाय पडोसी गांव सरईटिकरा के सरपंच और जनपद पंचायत अम्बिकापुर के सरपंच संघ के अध्यक्ष रामसाय मिंज के विरुद्ध वसूली का मामला चलाया हुआ था। जबकी प्रारंभिक पत्राचार के बाद रामसाय मिंज ने स्पष्टीकरण दे दिया कि वो ग्राम सरईटिकरा का निवासी है एवं गबन अवधि में वो ग्राम चिताबहार का सरपंच नहीं था।  सुबह दरिमा पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किये जाने के बाद जब रामसाय मिंज को एसडीएम अम्बिकापुर के कोर्ट में प्रस्तुत किया गया तब उसने दस्तावेजों को दिखलाते हुए स्वयं के बेकसूर होने की बात कहते हुए जमानत लेने से मना कर दिया और एस0डी0एम0 अम्बिकापुर को उसे जेल भेज दिये जाने का अनुरोध किया। कांग्रेस समर्थित इस जनप्रतिनिधी के साथ इस आचरण की जानकारी के बाद एस0डी0एम0 कार्यालय पर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, अम्बिकापुर ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष विनय शर्मा, दरिमा ब्लॉक अध्यक्ष नारद गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष विक्रम सोनपाकर, उपाध्यक्ष सतीश यादव सहित सैकडों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुॅंच गये। रामसाय मिंज के द्वारा जमानत लेने से इंकार करने और जेल भेजे जाने के निवेदन के बाद वहां हडकंप मच गया। इस घटना के बाद जागते हुए जनपद पंचायत अम्बिकापुर ने अनुविभागीय अधिकारी- राजस्व को पत्र प्रेषित कर बताया कि रिकार्ड में चिताबहार के सरपंच के रुप में रामसाय का नाम रिकार्ड में होने के कारण उसके विरुद्ध कार्यवाही हो गई। अर्थात जनपद पंचायत अम्बिकापुर अपने सरपंचों का सही रिकार्ड भी नहीं रखता। बजाय माफी मांगने के जनपद पंचायत अम्बिकापुर ने रामसाय मिंज पर दोषारोपण कर दिया कि उसने रिकार्ड दुरुस्त नहीं कराया। 

  इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी होने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष  बालकृष्ण पाठक ने जनपद पंचायत अम्बिकापुर के सीईओ को फोन कर अपनी गलती को तत्काल दुरुस्त करने को कहा। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष  राकेश गुप्ता ने कहा कि यह त्रुटि नहीं बल्कि एक साजिश के तहत कांग्रेस समर्थि जनप्रतिनिधी को जनपद पंचायत अम्बिकापुर के सीईओ द्वारा पुलिस से गिरफ्तार करवाकर उसे अपमानित किया गया। उन्होंने इसके लिये लिखित माफी के साथ ही जनपद पंचायत अम्बिकापुर के सीईओ को पद से हटाने और कार्यवाही की मांग भी की है। 




यह गड़बड़ी प्रकाश में आते ही जनपद सीईओ के द्वारा नोटिस सुधार किया गया और रामसाय के स्थान पर शिवनाथ भगत को चीताबाहर का सरपंच बताया गया। इस मामले को लेकर आज राजस्व कार्यालयों,न्यायालयों से लेकर जिला पंचायत सीईओ,जनपद सीईओ कार्यालय में बवाल मचा रहा। 


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