अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक
एनएच गोयल हॉस्पिटल को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि अस्पताल का आयुष्मान भारत योजना में पंजीयन नहीं है। इसके बावजूद अस्पताल पर आयुष्मान योजना के नाम पर मरीजों को भर्ती करने और कथित रूप से योजना का लाभ उठाने के आरोप लगे हैं। मामले में संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने विस्तृत जांच के निर्देश देते हुए कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। वहीं आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ. डीके सोनी ने संबंधित अस्पताल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की बात कही है।
आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ. डीके सोनी ने आरोप लगाया कि उनके पास कई ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे थे। ग्रामीणों का कहना था कि उनका इलाज एनएच गोयल हॉस्पिटल में कराया गया और उनके आयुष्मान कार्ड से पूरी राशि निकाल ली गई, जबकि उन्हें न तो कोई मेडिकल रिपोर्ट दी गई और न ही इलाज का बिल उपलब्ध कराया गया। डॉ. सोनी ने बताया कि उन्होंने इन्हीं शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग की थी। जांच में अस्पताल का आयुष्मान योजना में पंजीयन नहीं होने की जानकारी सामने आने के बाद अब वे संबंधित अस्पताल संचालकों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने लगाए गम्भीर आरोप
इस मामले की पड़ताल के दौरान जनपद पंचायत राजपुर, जिला बलरामपुर के ग्राम कोदौरा में कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शैलेश गुप्ता नाम का एक व्यक्ति गांव के लोगों को मुफ्त इलाज का भरोसा देकर एनएच गोयल हॉस्पिटल में भर्ती कराता था। ग्रामीणों के अनुसार वह अपनी गाड़ी से मरीजों को अस्पताल ले जाता और कुछ दिनों बाद वापस गांव छोड़ देता था। उनका आरोप है कि इलाज के बाद उन्हें न कोई मेडिकल रिपोर्ट दी गई और न ही कोई बिल उपलब्ध कराया गया।ग्रामीणों का दावा है कि ग्राम कोदौरा में ही लगभग 15 ऐसे मरीज मिले हैं, जिनके आयुष्मान कार्ड का उपयोग किया गया। उनका कहना है कि यदि अन्य गांवों में भी जांच की जाए तो ऐसे कई और मामले सामने आ सकते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं एनएच गोयल हॉस्पिटल का पक्ष इस समाचार के प्रकाशन तक प्राप्त नहीं हो सका। अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
आरोप साबित हुआ तो अस्पताल का रद्द होगा लाइसेंस - डॉ अनिल शुक्ला
डॉ. अनिल कुमार शुक्ला संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने बताया कि मैंने सीएमएचओ को इस मामले की जांच के निर्देश दिए थे। 6 जुलाई को प्राप्त जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि एनएच गोयल हॉस्पिटल का आयुष्मान भारत योजना में पंजीयन नहीं है। यदि बिना पंजीयन के आयुष्मान योजना के नाम पर मरीजों की भर्ती की गई है या योजना के तहत राशि निकाली गई है, तो यह अत्यंत गंभीर मामला है। इसकी सूक्ष्मता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जिला कलेक्टर को भी पत्र लिखा जा रहा है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी निजी अस्पतालों को भी चेतावनी दी जाती है कि वे इस प्रकार की अनियमितताओं से बचें।
दर्ज कराएंगे fir - डॉ डीके सोनी आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ डीके सोनी ने कहा कि हमारे पास जनपद पंचायत राजपुर, जिला बलरामपुर के ग्राम कोदौरा सहित कई ग्रामीण शिकायत लेकर आए थे। उनका आरोप था कि एनएच गोयल हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड के नाम पर उनका इलाज किया गया और कार्ड से पूरी राशि निकाल ली गई, लेकिन उन्हें न तो कोई मेडिकल रिपोर्ट दी गई और न ही इलाज का बिल मिला। हमारी शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच कराई, जिसमें सीएमएचओ की रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल का आयुष्मान योजना में पंजीयन नहीं होना सामने आया। यदि यह तथ्य सही है, तो यह शासन की राशि के दुरुपयोग और गंभीर अनियमितता का मामला हो सकता है। हमें संबंधित दस्तावेज प्राप्त हो गए हैं और हम अस्पताल संचालकों एवं संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।




