अंबिकापुर। खबरी गुल्लक । 5 अगस्त 2026
विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक जीवनशैली और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना जागृत करने के उद्देश्य से मॉन्टफोर्ट स्कूल, अंबिकापुर में आज जीवन अनमोल है मानसिक स्वास्थ्य हमारा अधिकार विषय पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आत्मसम्मान, अनुशासन व जिम्मेदार नागरिकता जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण संदेश प्राप्त किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि मानसिक संतुलन के बिना न तो अकादमिक सफलता सच्ची होगी और न ही जीवन में स्थायी समृद्धि। श्री ढिल्लो ने तनाव प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण और समय का सदुपयोग करने की तकनीकों पर प्रकाश डाला तथा बताया कि बड़े सपने देखने के साथ-साथ उन्हें योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक है।
कार्यक्रम में विशेष अतिथियों के रूप में श्रीमती शिल्पा पाण्डेय तथा उमाशंकर पाण्डेय उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य ब्रदर एस. गैब्रियल ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, पुष्पगुच्छ व शॉल भेंट के साथ हुआ और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक प्रारम्भ किया गया। वक्ताओं ने मोबाइल फोन के संतुलित तथा जिम्मेदार उपयोग पर विशेष जोर दिया। विद्यार्थियों को शिक्षण तथा ज्ञानवर्धन तक मोबाइल का सीमित उपयोग करने का सुझाव दिया गया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम, सोशल मीडिया की लत और अनावश्यक डिजिटल गतिविधियाँ अकेलेपन, चिंता व नींद की समस्या उत्पन्न कर मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं। उन्होंने स्क्रीन टाइम नियंत्रित करने, डिजिटल ब्रेक लेने और वास्तविक जीवन की गतिविधियों में वृद्धि करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में सही मित्रों के चयन, गलत संगति से दूरी बनाए रखने तथा नकारात्मक प्रभावों से बचने की महत्ता पर बल दिया गया। विद्यार्थियों को विवेकपूर्ण निर्णय लेने और किसी भी गलत आदत की नकल न करने की सीख दी गई। साथ ही सड़क सुरक्षा संदेश भी दिया गया—बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन ना चलाएं, यातायात नियमों का पालन करें और सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार अपनाएं ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
कार्यक्रम में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे नशे जैसी हानिकारक आदतों से दूर रहें और अनुशासन तथा आत्मसंयम अपनाकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियाँ निभाएँ। साथ ही समाज में बढ़ते अपराधों के प्रति सतर्क रहने, महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखने तथा एक सुरक्षित और संवेदनशील समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, सकारात्मक सोच बनाए रखने और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, अनुशासन और समुदाय के प्रति उत्तरदायित्व के माध्यम से ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने भी प्रश्न पूछकर मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और अध्ययन-संतुलन से जुड़ी जिज्ञासाएँ साझा कीं, जिनका वक्ताओं ने संतोषजनक उत्तर दिए। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार की ओर से उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। प्राचार्य ब्रदर एस. गैब्रियल ने सभी अतिथियों, शिक्षकगण और विद्यार्थियों का धन्यवाद दिया तथा ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया। समारोह राष्ट्रगान के साथ गरिमामय ढंग से समाप्त हुआ।




