अम्बिकापुर के न्यायालय परिसर में प्रस्तावित नवीन न्यायालय भवन के शीघ्र शिलान्यास की मांग, राज्य अधिवक्ता परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने मुख्य न्यायाधीश से किया आग्रह

अम्बिकापुर के न्यायालय परिसर में प्रस्तावित नवीन न्यायालय भवन के शीघ्र शिलान्यास की मांग, राज्य अधिवक्ता परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने मुख्य न्यायाधीश से किया आग्रह

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 अम्बिकापुर।। खबरी गुल्लक। 1 अगस्त 2026 

 छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के  मुख्य न्यायाधीश से अम्बिकापुर स्थित वर्तमान न्यायालय परिसर में प्रस्तावित नवीन न्यायालय भवन के शिलान्यास  में शामिल होने का आग्रह करते हुए राज्य अधिवक्ता परिषद  के कार्यकारी अध्यक्ष  प्रवीण गुप्ता द्वारा एक औपचारिक पत्र भेजा गया है। पत्र में बताया गया है कि मुख्य न्यायाधीश की पूर्व स्वीकृति के बाद नवीन न्यायालय भवन के निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि की मंजूरी भी प्रदान की जा चुकी है। वहीं वर्तमान न्यायालय भवन की जर्जर स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इससे माननीय न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण एवं पक्षकारों को न्यायिक कार्यवाही में अनेक कठिनाइयों का सामना कर पड़ रहा है। प्रवीण गुप्ता ने अपने पत्र में लिखा है कि यह शिलान्यास आपके कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी और सरगुजा अंचल इस अविस्मरणीय उपकार का सदा ऋणी रहेगा। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से यथाशीघ्र अम्बिकापुर में पहुंचकर नवीन न्यायालय भवन की आधारशिला रखने और अधिवक्तागण की ओर से इस आग्रह को स्वीकार करने का विनम्र अनुरोध किया है। पत्र में यह भी उल्लेख है कि नए भवन के बनने से न केवल कार्य सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि न्यायालयीन सेवाओं की गुणवत्ता और जनता को मिलने वाली सहूलियतों में भी वृद्धि होगी। अधिवक्ता परिषद् का मानना है कि एक आधुनिक और सुरक्षित न्यायालय भवन से लंबित मुकदमों के निपटारे में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

स्थानीय अधिवक्तागण एवं सामाजिक संगठनों ने भी पत्र का स्वागत करते हुए कहा कि यदि माननीय मुख्य न्यायाधीश भूमि पूजन के कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो यह न केवल न्यायिक समुदाय के लिए गर्व की बात होगी, बल्कि आमजन में भी न्यायालय के प्रति भरोसा और उत्साह बढ़ेगा। अधिवक्ता परिषद् की कार्यकारिणी ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों से अनुरोध किया है कि शिलान्यास कार्यक्रम के आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएं।  कार्यक्रम की संभावित तिथि की घोषणा की जानी चाहिए।


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