Parvez Alam Gandhi attacks the government over paper leak: Now the system should answer परवेज़ आलम गांधी ने पेपर लीक पर सरकार को घेरा: अब सिस्टम जवाब दे

Parvez Alam Gandhi attacks the government over paper leak: Now the system should answer परवेज़ आलम गांधी ने पेपर लीक पर सरकार को घेरा: अब सिस्टम जवाब दे

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।।

देश भर में परीक्षा व्यवस्था पर बढ़ती चिंताओं के बीच छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अल्पसंख्यक विभाग परवेज़ आलम गांधी ने कड़ा विरोध जताया है। गांधी ने कहा कि NEET और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हालिया कथित पेपर लीक और अनियमितताओं ने युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है तथा कई परीक्षार्थियों की मौतें देश को झकझोर चुकी हैं। परवेज आलम गांधी ने लखीमपुर खीरी के रितिक मिश्रा, दिल्ली की 20 वर्षीय अंशिका पांडेय, राजस्थान के झुंझुनूं के प्रदीप मेघवाल और गोवा में रहने वाले बेंगलुरु के एक छात्र का नाम लेते हुए कहा कि इन सभी ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था, लेकिन भर्ती-परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियों और असुरक्षित व्यवस्थाओं ने उनके सपनों को कुचल दिया। उन्होंने कहा कि कई परिवारों की उम्मीदें टूट गईं और युवा गंभीर मानसिक दबाव में हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और विशेषकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री से तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की मांग की। परवेज आलम गांधी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक और परीक्षा धांधली से करोड़ों विद्यार्थियों और उनके परिवारों को नुकसान हुआ है। बेरोज़गारी पहले से ही समस्या बनी हुई है और परीक्षा व्यवस्था में निरंतर बढ़ती गड़बड़ियां युवाओं के भरोसे पर गंभीर चोट हैं।उन्होंने  तीन अहम कदम उठाने की मांग की है: केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें; पेपर लीक और परीक्षा धांधली के सभी मामलों की निष्पक्ष व समयबद्ध जांच करवाई जाए; दोषियों को कठोर सजा दी जाए। साथ ही उन्होंने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा सुरक्षा के लिए ठोस राष्ट्रीय नीति बनाने की भी जरूरत बताई।


उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो युवाओं का भरोसा और ज्यादा कमज़ोर होगा। गांधी ने कहा कि यह मुद्दा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय संकट बन चुका है और सरकार को इसे उसी गंभीरता से निपटाना चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर अपनी चिंता जता दी है।


परवेज़ आलम गांधी ने पत्रकारों से कहा कि वे इस मुद्दे को जनता तक पहुंचाने में सहयोग करें ताकि समय पर उचित कार्रवाई हो सके और भविष्य में किसी भी विद्यार्थी की जान बचे।


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