कोंडागांव। खबरी गुल्लक
पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर जिले के कई शिक्षकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह के पांच सदस्यों को कोंडागांव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को फरसगांव थाना में आयोजित प्रेसवार्ता में कोंडागांव के पुलिस कप्तान पंकज चंद्रा ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए पकड़े गए आरोपियों और ठगी के तरीके का ब्यौरा साझा किया। पुलिस के अनुसार गिरोह ने जिले के लगभग 43 शिक्षकों को निशाना बनाया और विभिन्न बैंकों से उनके नाम पर एक साथ कई पर्सनल लोन स्वीकृत करवा लिए। जांच में आंका गया है कि आरोपियों ने कुल मिलाकर करीब 10 से 12 करोड़ रुपये की ठगी की है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ साइबर और धोखाधड़ी के संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
ठगी का यह है तरीका
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि वे अलग-अलग बैंकों से एक साथ लोन निकालकर मासिक किस्तें स्वयं जमा कर देंगे। लोन मिलने के बाद पीड़ितों को लगभग 40 प्रतिशत राशि दे दी जाती थी, जबकि शेष 60 प्रतिशत रकम आरोपियों और उनके साथियों के खातों में ट्रांसफर करवा दी जाती थी। कुछ समय बाद जब ईएमआई बकाया रहने लगे, तब शिक्षकों को ठगी का पता चला।
फर्जी दस्तावेज और कई बैंकों की शाखाओं से फंडिंग
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने कई मामलों में पीड़ितों के नाम से फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेज तैयार कर उनमें पते बदल दिए। इन झूठे दस्तावेजों के आधार पर एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एक्सिस, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीएफसी, आईडीबीआई, यस बैंक और चोलामंडलम बैंक सहित कई शाखाओं से एक साथ लोन स्वीकृत कराए गए।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
पुलिस ने बताया कि अब तक पांच आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और उनका मोबाइल, बैंक संबंधी कागजात व कंप्यूटर, डिजिटल साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं। एसपी पंकज चंद्रा ने कहा कि गिरोह के अन्य सदस्यों और बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता की भी छानबीन की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले के अन्य पीड़ितों की पहचान कर उनसे भी लिखित बयान लिए जा रहे हैं।
पुलिस ने दी यह सलाह
पुलिस ने सभी शिक्षकों और आम नागरिकों से अपील की है कि कोई भी लोन या वित्तीय सौदा करते समय दस्तावेजों का स्वयं मिलान करें, बैंक से सीधे संपर्क रखें और किसी बिचौलिए पर विश्वास न करें। यदि किसी को संदिग्ध लेनदेन का संदेह हो तो नजदीकी थाने या साइबर सेल को सूचित करें।




