नई दिल्ली।खबरी गुल्लक
नीट पेपर लीक विवाद के बाद छात्र आक्रोश के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी के 47 अधिकारियों और कर्मचारियों को एक साथ बर्खास्त कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इनमें से कुछ के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठ रहे थे। शिक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एनटीए में व्यापक सुधार और पुनर्गठन की तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और शुचिता के साथ कराया जा सके। एक दिन पहले ही प्रशासनिक फेरबदल के तहत उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को हटाया गया था। इसके बाद मंत्रालय में और बदलाव किए गए हैं। बताया जा रहा है कि परीक्षाओं की निगरानी, संचालन और आंतरिक जवाबदेही प्रणाली में भी बड़े स्तर पर सुधार लाए जाएंगे।
सरकार पेपर लीक मामलों पर और कड़ा कानून लाने की तैयारी में है। प्रस्तावित विधेयक के तहत दोषियों को 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में अनिवार्य होगी और अदालत को तीन महीने में फैसला सुनाना होगा। यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम में संशोधन के जरिए लाया जाएगा। सरकार का कहना है कि नकल और पेपर लीक पर केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि विधायी स्तर पर भी सख्ती जरूरी है।
नीट पेपर लीक के खिलाफ देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहा, जबकि मुंबई, पटना, चेन्नई, अहमदाबाद, जयपुर और अन्य शहरों में भी आवाज उठाई गई। पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच झड़प की खबरें भी सामने आईं।
विपक्ष ने भी इस मुद्दे को संसद और सड़क दोनों जगह उठाया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। सरकार ने हालांकि इस आरोप से इनकार किया है।
विरोध का नेतृत्व कर रहे संगठन सीजेपी ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी रद्द करना और नीट परीक्षा के चलते आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देना शामिल है।
सरकार ने इस्तीफे की मांग को छोड़कर बाकी दो मांगों पर सहमति जताने की बात कही है। केंद्रीय मंत्रियों और सीजेपी प्रतिनिधियों के बीच दिल्ली में बैठक भी हुई, और आगे बातचीत जारी रखने का संकेत दिया गया। पेपर लीक विवाद के बाद सरकार ने NTA के ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एजेंसी द्वारा कराई जाने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए आंतरिक व्यवस्था, जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया और आउटसोर्सिंग मॉडल पर भी पुनर्विचार किया जा रहा है।




