सरगुजा पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी व ऑनलाइन शेयर‑मार्केट में भ्रामक लाभ का लालच देकर नगद ठगी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से ऐसे ऐप और भ्रामक सेमिनारों से दूर रहने की सलाह दी है। पुलिस ने बताया कि प्रार्थी विद्याचरण राव निवासी इन्दरपुर थाना दरिमा ने थाना मणीपुर में रिपोर्ट दर्ज करायी कि उसके गांव के त्रिपाल टोप्पो के कहने पर उदयपुर निवासी राजकुमार पैकरा से मिला, जिसने उसे Biget Wallet नामक क्रिप्टो वॉलेट ऐप में निवेश करने पर अत्यधिक लाभ दिलाने का लालच दिया। 19 जुलाई 26 को अंबिकापुर स्थित होटल फिल आनन्दम में आयोजित ट्रेनिंग सेमिनार के दौरान आरोपीगण ने लैपटॉप व प्रोजेक्टर के माध्यम से 12‑लेवल स्कीम और एक वर्ष में 10,000 से 1,00,000 तक जैसे लाभ का विश्वास दिलाकर प्रार्थी से 10,000 नकद लिया और ठगी की। थाना मणीपुर में धारा 317(4), 61(2) व संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।
यह हुए गिरफ्तार
पुलिस ने कान्ता प्रसाद 27 वर्ष निवासी सिंगीटाना, राजकुमार पैकरा 42 वर्ष निवासी उदयपुर, जीवन साय टोप्पो 36 वर्ष निवासी नावानगर, फिरोज लकड़ा 35 वर्ष निवासी टपरकेला और मुकेश कुमार गुप्ता 46 वर्ष निवासी गांधीनगर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बिलासपुर के त्रिभुवन साहू व रमाशंकर साहू से जुड़े थे और Bitget Wallet/Biget Wallet जैसी एप के माध्यम से निवेश कराने तथा नकद लेकर वॉलेट पर क्रिप्टो कराके फंड ट्रांसफर करने की क्रियाएँ करते थे। आरोपियों के पास से लैपटॉप, बैग, चार्ज वायर, प्रोजेक्टर, स्पीकर, मोबाइल, 3 डायरी, 1 नोटबुक और 1 टी‑शर्ट जप्त की गई है।
इस तरह हुई वारदात
जांच में पता चला कि आरोपी Play Store से ऐप डाउनलोड कराकर पीड़ित के मोबाइल पर वॉलेट बनवाते थे, नकद प्राप्त कर उस राशि के समान क्रिप्टो खरीदकर नए वॉलेट के रिसीविंग एड्रेस पर टोकन ट्रांसफर करते थे, फिर Binance ID के माध्यम से KYC वैरिफिकेशन कर निवेश दिखाते थे और कुछ शुरुआती छोटे रिटर्न दिखाकर भरोसा जीत लेते थे। आरोपियों ने बताया कि ऐसी ट्रेनिंग/सेमिनार विदेश नेपाल व अन्य जिलों में आयोजित कर लोगों को जोड़ा जा रहा था। थाना मणीपुर की टीम, नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर के नेतृत्व में कार्यवाही करती रही तथा आरोपियों को साक्ष्य सहित गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया है; जांच में ऐसे समूह के अन्य फरार सदस्य भी जुड़े पाए गए हैं जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी ऐप या सेमिनार में “असाधारण मुनाफा” के लालच में निवेश न करें, विशेषकर जब स्रोत अस्पष्ट हो और KYC/रेगुलेशन का भरोसा न दिखे यह ठगी का साधारण तरीक़ा हो सकता है।
यह रहे सक्रिय
सम्पूर्ण कार्यवाही नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर राहुल बंसल के नेतृत्व में उप निरीक्षक सी. पी. तिवारी थाना प्रभारी मणीपुर, सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक राकेश मिश्रा, आरक्षक रामशंकर यादव, अनिल परिहार, अनिल सिंह व निरंजन बड़ा सक्रिय रहे।




