अंबिकापुर। खबरी गुल्लक।9 जुलाई 2026
संभागमुख्यलय अंबिकापुर में वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे द्वारा शहर के विभिन्न इलाकों में किराए के मकानों में बांग्लादेशी घुसपैठिया सहित संदिग्ध,अपराधियों के छुपे होने की संभावना जता सौंपे गए ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए आईजी दीपक झा ने पुलिस अमले को किरायेदारों के जांच के निर्देश दिए हैं। आईजी के निर्देश पर आज 9 जुलाई को पुलिस अधिकारी,कर्मचारियों की बड़ी टीम ने जांच शुरू की। गांधीनगर,सुभाषनगर सहित अन्य मोहल्लों में किराए के मकानों में रह रहे लोगों की जानकारी देते हुए दस्तावेज भी मांगे जा रहे हैं
वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे ने आईजी को सौंपे ज्ञापन में उल्लेख किया है कि गांधीनगर थाना क्षेत्र के सुभाषनगर, डिगमा एवं भगवानपुर सहित कोतवाली और मणिपुर थाना क्षेत्रों में अनेक मकान मालिकों द्वारा छोटे-छोटे किराये के मकान बाहरी प्रदेशों से आए लोगों को बिना किसी जांच-पड़ताल के किराये पर दिए जा रहे हैं। आरोप है कि कई मकान मालिकों को यह तक जानकारी नहीं होती कि उनके यहां रहने वाले लोग क्या कार्य करते हैं, कहां से आए हैं और उनकी पृष्ठभूमि क्या है।उन्होंने एक पूर्व मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि धनबाद झारखंड से दो लोगों की हत्या के आरोपी शब्बीर अहमद के वर्षों तक अंबिकापुर में छिपकर रहने और व्यवसाय करने की घटना यह संकेत देती है कि समय रहते सत्यापन नहीं होने पर अपराधी भी ऐसे क्षेत्रों का उपयोग सुरक्षित ठिकाने के रूप में कर सकते हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में आए कुछ लोगों के संबंध में भी प्रशासन को सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बाल खरीदने एवं उसके बदले बर्तन बेचने जैसे व्यवसाय करते हैं, जबकि कुछ बाहरी महिलाएं भी किराये के मकानों में रह रही हैं। ऐसे सभी लोगों का पुलिस सत्यापन एवं उनके निवास और कार्यों का विधिवत रिकॉर्ड तैयार किया जाना आवश्यक है।
आलोक दुबे ने आशंका जताई थी कि यदि समय रहते निगरानी और सत्यापन नहीं किया गया तो अवैध गतिविधियों, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध कारोबार तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों की संभावना बढ़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष एवं व्यापक जांच कराई जाए ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।उन्होंने सुझाव दिया था कि कोतवाली, गांधीनगर एवं मणिपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर क्षेत्रवार अभियान चलाया जाए। इस दौरान प्रत्येक बाहरी किरायेदार एवं लंबे समय से रह रहे व्यक्तियों का सत्यापन किया जाए, उनसे संबंधित आवश्यक जानकारी एकत्रित की जाए तथा उनके मूल निवास क्षेत्र के संबंधित थानों से भी आवश्यकतानुसार आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन कराया जाए। आईजी दीपक झा ने आलोक दुबे द्वारा सुझाये गए बिंदुओं को गम्भीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को किरायेदारों की सघन जांच के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत आज पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान जारी रहेगा।




