अंबिकापुर। खबरी गुल्लक
संभाग मुख्यालय अंबिकापुर स्थित लक्ष्मी नारायणा हॉस्पिटल द्वारा एक मरीज से इलाज की पूरी राशि नकद वसूल के बावजूद आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कार्ड से भी डेढ़ लाख रुपए आहरण कर लिए जाने के मामले में मानवाधिकार एसोशिएशन सरगुजा के अध्यक्ष आशु अग्रवाल ने अस्पताल और संबंधित अधिकारियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और पूछा है कि क्या यह योजना गरीबों के स्वास्थ्य के लिए है या प्राइवेट अस्पतालों की लूट के लिए? पीड़ित परिवार का कहना है कि इलाज के दौरान अस्पताल ने मरीज का पूरा बिल नकद में लेकर रसीद दी। इसके बाद में आयुष्मान कार्ड से भी 1,50,000 के लगभग का दावा कर लिया गया। परिवार ने आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें इसकी जानकारी दिए बिना कार्ड से भुगतान कर दिया। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने लक्ष्मी नारायणा हॉस्पिटल के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
स्वास्थ्य के नाम पर व्यापार बंद हो - आशु अग्रवाल
इस मामले में एसोशिएशन के जिला अध्यक्ष आशु अग्रवाल ने कहा कि मरीजों की मजबूरी का फायदा उठा कर अस्पताल प्रशासन द्वारा की जा रही यह धांधली सहन योग्य नहीं। स्वास्थ्य नाम पर व्यापार बंद होना चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान कार्ड के नाम पर मरीजों को गुमराह कर रहे हैं और योजना के निर्देशों का खुलेआम दुरुपयोग कर रहे हैं। श्री अग्रवाल ने स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और बीमा, टेक्निकल पार्टनर से शीघ्र संज्ञान लेकर जांच व व्यवस्था सुधार की मांग की है। मानवाधिकार एसोशिएशन ने प्रश्न उठाया है कि क्या वाकई सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ गरीब व वंचित लोगों तक पहुंच पा रहा है, या अस्पतालों द्वारा दावों व क्लेम प्रक्रियाओं का मिसयूज हो रहा है। एसोशिएशन ने कहा कि पारदर्शिता, शिकायत निवारण तंत्र और रैण्डम ऑडिट की आवश्यकता है ताकि ऐसे मामलों की जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।




