आईजी सरगुजा दीपक झा ने किया डायल 112 कार्यप्रणाली और रिस्पांस टाइम का समग्र मूल्यांकन: नोडल अधिकारियों व DCC स्टाफ को दिये सख्त निर्देश

आईजी सरगुजा दीपक झा ने किया डायल 112 कार्यप्रणाली और रिस्पांस टाइम का समग्र मूल्यांकन: नोडल अधिकारियों व DCC स्टाफ को दिये सख्त निर्देश

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अंबिकापुर । खबरी गुल्लक। 21 जुलाई 2026 

 पुलिस महानिरीक्षक  सरगुजा रेंज  दीपक कुमार झा ने आज आपातकालीन सेवा डायल 112 की कार्यप्रणाली, वाहनों की तकनीकी स्थिति और रिस्पांस टाइम का समग्र मूल्यांकन करते हुए रेंज के समस्त नोडल अधिकारियों, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन सेंटर  के कर्मचारियों तथा ड्यूटी पर तैनात जवानों और वाहन चालकों को जरूरी दिशा-निर्देश दिये। यह समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग  के माध्यम से की गई, जिसमें रेंज के लगभग 248 कर्मचारी और वाहन चालक शामिल रहे।

आईजी द्वारा रेस्पॉन्स टाइम पर ज़ोर

बैठक के दौरान आईजी श्री झा ने आपातकालीन कॉल पर त्वरित और प्रभावी पहुंच के महत्व पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपातस्थिति में रिस्पांस टाइम निर्णायक भूमिका निभाता है, इसलिए निर्धारित स्थान पर आगमन और मौके पर जनहित के दृष्टिकोण से तत्काल सहायता देना कर्मचारियों का कर्तव्य है। आईजी ने सभी ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों से अपील की कि वे सौंपे गए दायित्वों को तत्परता और जनसेवा की भावना के साथ निभाएँ तथा नागरिकों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि बनाए रखें।

सुरक्षा व तकनीकी उन्नयन: CCTV से लैस 112 वाहन

रेंज आईजी ने डायल 112 वाहनों में नई आधुनिक सुरक्षा तकनीक—CCTV कैमरों—के संयोजन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे घटनास्थल पर किए गए कार्यों का रीयल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगा और जवाबदेही बढ़ेगी। तकनीकी उन्नयन के कारण वाहन परिचालन तथा कर्मियों के व्यवहार की निगरानी में सुधार की संभावना है, जो समग्र प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा।

आपात कालीन बचाव अभियान ने बचाई जान 

आईजी ने हालिया सफल बचाव अभियानों का ज़िक्र करते हुए कहा कि डायल 112 की तत्परता का असर आम जनता तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने बलरामपुर रामानुजगंज ज़िला में नदी के एनीकट में डूब रहे व्यक्ति का सफलतापूर्वक बचाव तथा जशपुर जिला के लोरो घाटी में सड़क-किनारे टूटे रेलिंग से क्षतिग्रस्त वाहन के केबिन में फंसे चालक, हेल्पर व मालिक को कटर मशीन से निकालकर सुरक्षित बचाए जाने के मामलों का उदाहरण दिया। इन त्वरित बचाव अभियानों ने स्थानीय लोगों के मध्य डायल 112 टीमों की प्रभावशीलता को पुष्ट किया है।

वाहन परिचालन व कर्तव्य पालन संबंधी सख्त निर्देश

आईजी झा ने वाहन चालकों और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि डायल 112 के वाहन निजी कामों के लिए प्रयुक्त न किए जाएँ और बिना आपात सूचना के इनका दुरुपयोग न हो। उन्होंने कहा कि ड्यूटी में तैनात किसी भी कर्मी द्वारा नशे का सेवन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा क्योंकि इससे न केवल परिचालन क्षमता प्रभावित होगी बल्कि नागरिकों के साथ विश्वसनीयता पर भी प्रश्न उठेंगे। ऐसे अनुशासनहीन कर्मियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिये गए।

नोडल अधिकारियों के कर्तव्य और समन्वय

बैठक में रेंज के समस्त नोडल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया कि DCC और स्थानीय थाना/जिला स्तर पर समन्वय मजबूत रहे। घटनास्थल पर पहुंचने वाले वाहन व कर्मियों का रूटीन चेक, वाहन रख-रखाव, संचार उपकरणों की कार्यक्षमता तथा CCTV फुटेज का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी परहेज़ या तकनीकी समस्या की स्थिति में शीघ्र सुधार किया जा सके।

रिकॉर्ड-कीपिंग और सार्वजनिक जवाबदेही

आईजी ने कहा कि प्रत्येक घटना का सटीक रिकॉर्ड रखा जाना आवश्यक है। कॉल रिसीव करने का समय, वाहन प्रस्थान व आगमन का समय, घटनास्थल पर की गयी कार्रवाई और नतीजा, ताकि रिस्पांस टाइम और बचाव कार्यों का मूल्यांकन संभव हो। इससे भविष्य में प्रणालीगत सुधारों के लिए ठोस डेटा उपलब्ध होगा और जनता के प्रति जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

लोकल मामलों में कर्मचारियों की भूमिका पर जोर

आईजी ने कर्मियों से अपेक्षा जताई कि वे जनसुविधा और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रहें और प्रत्येक घटनास्थल पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं। उन्होंने उल्लेख किया कि डायल 112 की सफलता केवल तकनीक या वाहनों के कारण नहीं, बल्कि ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों की तत्परता और अनुशासन के कारण संभव हुई है।

अंतिम निर्देश व आगे की कार्रवाई

अंत में आईजी ने सभी नोडल अधिकारियों व DCC स्टाफ को निर्देश दिये कि वे दिए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी दिनों में रीजनल मोनिटरिंग और फील्ड ऑडिट के माध्यम से सेवा की गुणवत्ता और रिस्पांस टाइम का लगातार मूल्यांकन किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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