अंबिकापुर। खबरी गुल्लक
थाना कोतवाली पुलिस टीम ने आज सख्त वैधानिक कार्रवाई करते हुए आत्महत्या के दुष्प्रेरण व कर्जा अधिनियम से संबंधित मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के दिशा-निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक, अंबिकापुर के नेतृत्व में की गई। मामले में उपयोग में लाए गए मोबाइल फोन भी आरोपी के कब्जे से जब्त किया गया है।
पुलिस के मुताबिक अंबिकापुर के संदीप अग्रवाल के द्वारा सुसाइड नोट लिख आत्महत्या किया गया था। जांच के दौरान मृतक द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट का अवलोकन किया गया तथा मृतक के वारिसों और गवाहों के विस्तृत कथन दर्ज किए गए। घटना स्थल का निरीक्षण, पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट तथा मृतक संदीप अग्रवाल के मोबाइल से प्राप्त तकनीकी जानकारी, बैंक खाते के ट्रांजेक्शन स्टेटमेंट की पड़ताल की गई।
पुलिस ने बताया कि जांच में पाया गया कि आरोपी पंकज चौधरी तथा मृतक के बीच कई बार फोन कॉल व आर्थिक लेनदेन हुए थे। आरोपी ने मृतक को अत्यधिक ब्याज दर पर रकम दी थी और समय पर ब्याज व मूलधन न लौटाने पर जान से मारने की धमकी देकर मृतक को लगातार प्रताड़ित किया। भय और प्रताड़ना मृतक द्वारा अपने सुसाइड नोट व जिंदा रहते हुए परिजनों को बताई गई बातों में भी दर्ज है।
समस्त जांच के पश्चात यह तथ्य प्राप्त हुए कि पंकज चौधरी की धमकियों और प्रताड़ना के कारण मृतक संदीप अग्रवाल ने आत्महत्या कर ली, इसलिए थाना कोतवाली में धारा 108, 351(3), बी.एन.एस., एवं कर्जा अधिनियम की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना आरम्भ की गई।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर के नेतृत्व में जांच जारी रखते हुए थाना कोतवाली पुलिस टीम ने आरोपी पंकज चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने अपने नाम-पते का विवरण प्रस्तुत किया पंकज चौधरी पिता सकलदीप चौधरी आयु 50 वर्ष, निवासी राजेंद्र वार्ड, दर्रीपारा, थाना मणीपुर, अंबिकापुर जिला सरगुजा बताया।
पूछताछ के दौरान आरोपी गोलमोल उत्तर देता रहा तथा मेमोरण्डम कथन देने से इंकार किया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किया गया है। कथनों व साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया। कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर राहुल बंसल के नेतृत्व में थाना कोतवाली से उप निरीक्षक केके यादव, प्रधान आरक्षक छत्रपाल सिंह, आरक्षक मंटुलाल गुप्ता एवं शिव राजवाड़े सक्रिय रहे।




